शुक्रवार, 22 जुलाई 2022

Bua Baba ji ki aarti , बुआ बावा जी की आरती

Jhiri mela
बाबा जीतमल जी बुआ कौड़ी जी 


 श्री जय बुआ बावा , श्री जय बुआ बावा ,

निस दिन जोत जगाके , तैनू में ध्यावाँ ,

श्री जय बुआ बावा ,


विच झिड़ी अस्थान है तेरा मेला लगे भारी ,

दर्शन लई  ओथे जांदे लखां नर -नारी | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

कर इशनान तला विच , कष्ट मिटे सारा ,

तेरे तलाब दी महिमा , जाणे जग सारा | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

भुत  चुड़ैल वि तैथों मंगदे ने छुटकारा,

माफ़ करीं  सानू बावा , माफ़ करी सानू बुआ चलदा नहीं चारा | 

श्री जय बुआ बावा , 


कोड़ी नू  देवें काया निर्धन नू  माया ,

अनेयां नू देवें अखियां , गूंगेयां यश गया | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

मवाँ नू बचड़े देवें , भैणा नू  वीर मिले ,

जेहड़ा दर तेरे आवे, आंसा दे फूल खिले | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

खेनू गुड़िया लै के संगत दर आवे ,

कर देवे तू कृपा झोलियाँ भर जावे | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

द्वार तेरे दे चेले चौंकियाँ ने भरदे ,

नाम तेरे नू  जप के पापी ने हरदे | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

इस कलियग दे अंदर हे अवतार तेरा ,

हर इक जीव ते बावा ,हर इक जीव ते बुआ है उपकार तेरा | 

श्री जय बुआ बावा ,

 

धूड़ तेरे चरणा दी झोली विच पावां ,

नाम दा अमृत पि के तेरा यश गावां | 

श्री जय बुआ बावा , 


धुप दीप तेरी आरती, चंदन तिलक लगे,

पुष्पां दी गल माला खिचड़ी भोग लगे | 

श्री जय बुआ बावा , 


हथ जोड़ के अरजां जग सारा करदा ,

साथी सेवक दरदा उपमा है करदा | 

श्री जय बुआ बावा , 


श्री जय बुआ बावा , श्री जय बुआ बावा ,

निस दिन जोट जगाके , तैनू में ध्यावाँ ,

श्री जय बुआ बावा |

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