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शनिवार, 30 जुलाई 2022

annapurna mata aarti | अन्नपूर्णा माता आरती

 
annpurna aarti
माँ अन्नपूर्णा 

बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम । 


जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,

कहां उसे विश्राम । 

अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो,

लेत होत सब काम ॥


बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम ।


प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर,

कालान्तर तक नाम ।

सुर सुरों की रचना करती,

कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥


बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम ।


चूमहि चरण चतुर चतुरानन,

चारु चक्रधर श्याम ।

चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर,

शोभा लखहि ललाम ॥


बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम ।


देवि देव! दयनीय दशा में,

दया-दया तब नाम ।

त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल,

शरण रूप तब धाम ॥


बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम ।


श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या,

श्री क्लीं कमला काम ।

कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी,

वर दे तू निष्काम ॥


बारम्बार प्रणाम,

मैया बारम्बार प्रणाम ।


-------------माता अन्नपूर्णा की जय-------------

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