गुरुवार, 28 जुलाई 2022

chhathi maiya aarti | छठी मैया आरती

 

chhathi aarti
सूर्य देव 

जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥

जय छठी मैया ॥ 


ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥

जय छठी मैया ॥


मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

जय छठी मैया ॥


अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥

जय छठी मैया ॥


ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥ 

जय छठी मैया ॥


मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

जय छठी मैया ॥


ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥

जय छठी मैया ॥


ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥

जय छठी मैया ॥


मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

जय छठी मैया ॥ 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बृहस्पतिवार व्रत कथा

 बृहस्पतिवार व्रत कथा ( सम्पूर्ण )  बृहस्पतिवार व्रत कथा व्रत  का महत्त्व एवं विधि  भगवान बृहस्पति देव की पूजा अर्चना के लिए बृहस्पति वार  क...